
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर, अमनदीप सिंह:
केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मुख्य सचिव, श्री एच. राजेश प्रसाद, आईएएस ने आज चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) की कार्यप्रणाली की एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य नवाचार को बढ़ावा देना, परिचालन दक्षता में सुधार करना और संगठन के भीतर अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करना था।
बैठक में सीएचबी के स्वीकृत पदों की संख्या, लंबित बकाया की वसूली और अन्य कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ निवासियों को आवास उपलब्ध कराने में सीएचबी की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए बोर्ड को निर्देश दिया कि वह शहर के समग्र विकास में अपने योगदान का एक व्यापक खाका तैयार करे। उन्होंने यह भी कहा कि शहर की विकास और शहरी नियोजन की आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचारी आवास योजनाएं तैयार की जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के क्रियान्वयन के मद्देनज़र, मुख्य सचिव ने सीएचबी को निर्देश दिया कि वह बैंकों के सहयोग से अधिक जनजागरूकता अभियान चलाए ताकि योजना का सुचारू कार्यान्वयन और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
चंडीगढ़ प्रशासन के मॉडल सोलर सिटी के विज़न को आगे बढ़ाते हुए, मुख्य सचिव ने सीएचबी को निर्देश दिया कि वह सीएचबी फ्लैट्स की छतों पर सौर पैनलों की स्थापना की प्रक्रिया आरंभ करे। यह पहल सीआरईएसटी (चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी) के सहयोग से की जाएगी।
बैठक में श्री दीप्रवा लकड़ा, आईएएस, वित्त सचिव, यूटी चंडीगढ़; श्री प्रदीप कुमार, आईएएस, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सीएचबी; तथा चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।