
चंडीगढ़, 11 जून, पंजाबी दुनिया ब्यूरो:
उत्कल सांस्कृतिक संघ की ओर से जगन्नाथ मंदिर सेक्टर-31 में आज देव स्नान पूर्णिमा पर विशेष पूजा अर्चना का आयोजन किया गया। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा को स्नान कराया गया।
मुख्य अतिथि राज्यसभा मेंबर सुलता देव ने भक्तों के साथ भगवान का आशीर्वाद लिया और भगवान को स्नान करवाया। स्नान पूर्व पंडित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की गई। माना जाता है कि देव स्नान पूर्णिमा से भगवान बीमार पड़ जाते हैं।
उत्कल सांस्कृतिक संघ के प्रधान डॉ आर के रथो ने बताया कि मान्यता के अनुसार स्नान के साथ ही प्रभु बीमार हो गए हैं और अज्ञातवास में चले गए 15 दिनों तक अज्ञातवास में रहने के बाद भक्तों को नव यौवन रूप में दर्शन देंगे। 15 दिनों तक अज्ञातवास में भगवान अपने भक्तों को दर्शन नही देंगे।
क्यों रहते है 14 दिनों तक मंदिर के कपाट बंद?
बताया जा रहा है कि स्नान करने के कारण भगवान जगन्नाथ बीमार हो जाते हैं। उनके भाई और बहन लगातार 14 दिनों तक उनका उपचार करते हैं। जिसके चलते मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। उनका उपचार करने के लिए कई तरह की जड़ी-बूटियां दी जाती हैं। माना जाता है कि जब पहली बार भगवान जगन्नाथ ने ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन स्नान किया था तो तभी वह बीमार पड़ गए थे। जिसका इलाज 14 दिनों तक किया जाता है और 15वें दिन भगवान जगन्नाथ दर्शन देंगे।